ESMA act uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आंदोलनों पर कड़ा रुख अपनाया है। इसके तहत अब 6 महीने तक किसी भी विभाग में कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकेंगे। वहीं, उपनल कर्मियों के लिए नो वर्क नो पे का आदेश जारी हुआ है। इस संबंध में कार्मिक सचिव शैलेश बगौली और उपनल सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी ने अलग-अलग आदेश जारी किए है।
मांग को लेकर हड़ताल
संगठन अपनी मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। चुनावी साल नजदीक है, इसलिए वे सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
ESMA act लागू
वहीं अगर बात करें तो उपनल कर्मचारी लगातार 10 दिन से हड़ताल पर बैठे हुए हैं। वे नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। कार्मिक सचिव ने बताया कि प्रतिबंध आवश्यक वस्तु अनुरक्षण अधिनियम -1966 (ESMA act uttarakhand) के तहत लगाया गया है। इस दिशा में अधिसूचना भी जारी कर दी है।
नो वर्क नो पे
सैनिक कल्याण सचिव ने उपनल की एचडी को निर्देश दिया है कि सख्ती से नो वर्क नो पे को लागू करें। कहा कि इस संबंध में उपनल के जरिए आउटसोर्स पर लगे कर्मचारी को भी सूचना दे दी जाए। कम पर ना आने वाले कर्मचारियों की जय राजश्री दर्ज की जाए।
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