Landslide Atlas of India report : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो द्वारा हाल ही में जारी लैंडस्लाइड एटलस ऑफ इंडिया रिपोर्ट में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले को देश का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है। इसरो की इस रिपोर्ट में टिहरी गढ़वाल दूसरे और चमोली 19 वीं स्थान पर है। इसरो के अनुसार रुद्रप्रयाग में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां कई सालों से लैंडस्लाइड होने का खतरा रहता है।
आंकड़े बताते हैं गंभीर स्थिति

इसरो के द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक दशक में उत्तराखंड में लगभग 4600 से अधिक लैंडस्लाइड की घटनाएं देखी गई हैं जिसमें से 316 से ज्यादा लोगों की जान चली गई है। अकेले रुद्रप्रयाग जिले में 48 घटनाओं में कार्बन लोगों की मौत हो चुकी है इसके अलावा NH 107 वाले रास्ते पर और केदारनाथ यात्रा वाले रास्ते पर स्थित कई स्थाई क्षेत्र ऐसे हैं जहां लैंडस्लाइड होती ही रहती है जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बना रहता है।
मौजूदा हालात और चेतावनी
2025 में अब तक 25 स्थाई भू संकलन की घटनाएं हो चुकी है हाल ही में अगस्त में रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की वजह से कई सारे लोग लापता भी हो गए थे। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है की पहाड़ी इलाकों में अव्यवस्थित निर्माण होने से और खराब चल निकासी की वजह से लैंडस्लाइड का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सुरक्षा उपाय आवश्यक
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार को सुरक्षा उपाय की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में निर्माण पर नियंत्रण और प्रभावी आपदा से निपटने के लिए एक अच्छी प्लानिंग की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन को लोगों को जागरूक करने और संभावित जोखिम वाले क्षेत्र से हटाने के उपाय करने चाहिए।
हमारे अनुसार रुद्रप्रयाग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बहुत ही सतर्क रहने की जरूरत है पर्यटकों को भी इन क्षेत्रों की मौसम की स्थिति के अनुसार ही आना जाना चाहिए यदि सही समय पर सावधानी बढ़ती जाए तो जान माल होने का नुकसान कम किया जा सकता है।







