Uttrakhand Cloudburst: उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को बादल फटने की घटना से कुछ ही घंटे में क्षेत्र में भारी तबाही मच गई। नंद नगर इलाके में हुई इस घटना से नदियां और नाले दोनों उफान पर आ गए तेज पानी और मालवे की धार ने कई घरों खेतों और रास्तों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
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लापता लोग और राहत अभियान

बादल फटने की इस घटना के होने के बाद कम से कम 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं प्रशासन में तुरंत राहत और बचाव के काम शुरू कर दिए हैं सभी लापता लोगों की तलाश आपदा प्रबंधन दल, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस लगातार तलाश कर रही है। हेलीकॉप्टर ड्रोन की मदद से स्थिति पर नजर रखी जा रही है वहीं लापता लोगों के परिवारों में काफी ज्यादा गहरी चिंता और डर का भी माहौल है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त
तेज बारिश और अचानक आए बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है। कई सड़के तो बंद हो गई है जिससे यातायात संपर्क टूट गया है। गांव का जिला मुख्यालय से भी संपर्क टूट चुका है बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी इससे असर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर होगए हैं।
विशेषज्ञों की राय
मौसम विशेषज्ञ का कहना है की पहाड़ी इलाकों में बादल फटना अचानक होता है जिसे पहले से ही अनुमान लगाना तो बहुत ही मुश्किल है।तेज नमी, घने बादल और कमजोर पर्वतीय ढलानों के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही है विशेषज्ञ का कहना है कि जलवायु परिवर्तन भी इस तरह की कई बड़ी आपदाओं की वजह है।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह नदी और नालों के किनारे नहीं जाए और अफवाहों से ध्यान से बच्चे आपातकाल की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें l बचाव कार्यों के बीच सरकार को प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया है।







